मुस्कान : जीवन की वह औषधि, जिसकी कोई कीमत नहीं एक सच्ची मुस्कुराहट तनाव घटाती है, रिश्ते जोड़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरती है : बिमल सर्राफ
रक्सौल पूर्वी चंपारण -
जीवन की भागदौड़, तनाव, चिंता और संघर्ष के बीच यदि कोई सबसे सरल चीज मनुष्य को भीतर से मजबूत और बाहर से आकर्षक बना सकती है, तो वह है—एक सच्ची मुस्कुराहट। चेहरे पर आई छोटी-सी मुस्कान कुछ क्षणों के लिए मनुष्य को चिंताओं से दूर कर देती है। यह स्वयं को भी सुकून देती है और सामने वाले के मन में भी अपनापन पैदा करती है।
उक्त बातें लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322 ई के जोनल चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन एवं भारत विकास परिषद्, रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि मुस्कुराहट केवल चेहरे की सुंदरता नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान भी है। मुस्कुराता हुआ चेहरा सहज ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। कई बार अनजान व्यक्ति के बीच भी एक छोटी-सी मुस्कान संवाद की शुरुआत कर देती है और धीरे-धीरे आत्मीयता के रिश्ते बन जाते हैं।
मुस्कान मन और शरीर दोनों को देती है ऊर्जा
बिमल सर्राफ ने कहा कि सच्ची मुस्कान व्यक्ति को भीतर से प्रसन्नता का अनुभव कराती है। जब मन प्रसन्न होता है, तो शरीर में भी नई ऊर्जा और स्फूर्ति का अनुभव होता है। जीवन की कठिन परिस्थितियों में मुस्कुराने वाला व्यक्ति समस्याओं से घबराने के बजाय उनका समाधान खोजने की कोशिश करता है।
ऐसे लोगों के लिए कठिनाइयां रास्ते की दीवार नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की सीढ़ियां बन जाती हैं। परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, सकारात्मक सोच के साथ उनका सामना करने वाला व्यक्ति अंततः सफलता की दिशा में आगे बढ़ता है।
सच्ची मुस्कान की ताकत अलग होती है
उन्होंने कहा कि मुस्कान तभी प्रभावशाली होती है, जब वह दिल से निकले। बनावटी मुस्कान चेहरे पर कुछ समय के लिए दिखाई दे सकती है, लेकिन उसका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रहता। इसके विपरीत, सच्ची और प्रेमपूर्ण मुस्कान सामने वाले के मन तक पहुंचती है।
एक सच्ची मुस्कान यह संदेश देती है कि सामने वाला व्यक्ति सुरक्षित, सहज और अपनापन महसूस कर सकता है। यही कारण है कि मुस्कुराहट को सकारात्मक व्यवहार और अच्छे आचरण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
मुस्कान बांटने से घटती नहीं, बढ़ती है
बिमल सर्राफ ने कहा कि दुनिया में ऐसी बहुत कम चीजें हैं, जिन्हें बांटने से वे कम नहीं होतीं, बल्कि बढ़ती हैं। मुस्कान भी उन्हीं में से एक है। हम किसी को एक मुस्कान देते हैं और बदले में उसके चेहरे पर आई खुशी हमें स्वयं और अधिक प्रसन्न कर देती है।
इसलिए अपनी मुस्कान को किसी विशेष अवसर के लिए बचाकर रखने की जरूरत नहीं है। किसी उदास व्यक्ति के सामने मुस्कुरा देना, किसी परेशान व्यक्ति से प्रेमपूर्वक बात करना या किसी अनजान व्यक्ति का मुस्कुराकर अभिवादन करना भी उसके दिन को बेहतर बना सकता है।
कभी-कभी मुस्कान दवा से ज्यादा असर करती है
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति बीमारी या परेशानी में होता है, तो उसके लिए दवा के साथ-साथ सकारात्मक वातावरण भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के चेहरे की आत्मीय मुस्कान मरीज के भीतर भरोसा और उम्मीद पैदा कर सकती है।
इसी तरह परिवार में किसी सदस्य की परेशानी को केवल सलाह से नहीं, बल्कि प्रेम और मुस्कान के साथ सुना जाए तो उसका दर्द काफी हद तक हल्का हो सकता है। एक छोटी-सी मुस्कान किसी निराश मन में उम्मीद की किरण जगा सकती है।
जीवन को सुंदर बनाने के लिए मुस्कुराना सीखें
आज मनुष्य सुविधाओं से तो संपन्न होता जा रहा है, लेकिन मानसिक तनाव, अकेलापन, चिंता और असंतोष भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में मुस्कुराना केवल चेहरे का भाव नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक ढंग से देखने की कला है।
बिमल सर्राफ ने कहा कि जीवन में समस्याएं आती-जाती रहेंगी। हर परिस्थिति हमारे अनुकूल हो, यह संभव नहीं है, लेकिन हर परिस्थिति का सामना किस मनोभाव से करना है, यह हमारे हाथ में है। यदि कठिन समय में भी हम अपना संतुलन बनाए रखते हुए मुस्कुराना सीख लें, तो जीवन की अनेक मुश्किलें आसान महसूस होने लगती हैं।
मुस्कुराहट किसी दुकान पर नहीं मिलती, इसके लिए किसी धन की आवश्यकता नहीं होती और इसे पाने के लिए किसी विशेष अवसर का इंतजार भी नहीं करना पड़ता। यह हमारे भीतर ही मौजूद एक अनमोल संपदा है।
इसलिए जीवन की यात्रा चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, चेहरे पर मुस्कान और मन में उम्मीद बनाए रखिए। हो सकता है आपकी एक मुस्कान किसी दूसरे के जीवन में भी खुशी की वजह बन जाए।
मुस्कुराइए, क्योंकि मुस्कान केवल चेहरे की खूबसूरती नहीं बढ़ाती—यह जीवन को जीने की खूबसूरत वजह भी देती है।







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