$show=home

BREAKING NEWS
Loading latest news...

$show=home

लोड हुँदैछ...

शब्दों की मर्यादा, कर्मों की चमक और व्यवहार की पहचान ही जीवन की असली पूंजी है : बिमल सर्राफ

 शब्दों की मर्यादा, कर्मों की चमक और व्यवहार की पहचान ही जीवन की असली पूंजी है : बिमल सर्राफ 📍 रक्सौल, पूर्वी चंपारण प्रकृति (ईश्वर) का काम...


 शब्दों की मर्यादा, कर्मों की चमक और व्यवहार की पहचान ही जीवन की असली पूंजी है : बिमल सर्राफ

📍 रक्सौल, पूर्वी चंपारण

प्रकृति (ईश्वर) का काम लोगों को आपस में मिलाना है, लेकिन रिश्तों में नजदीकियां बनाए रखना या दूरियां पैदा करना हमारे व्यवहार, विचारों और शब्दों पर निर्भर करता है। जीवन में हम क्या बोलते हैं, कैसे व्यवहार करते हैं और दूसरों की भावनाओं को कितना समझते हैं, यही हमारे व्यक्तित्व और संस्कारों की असली पहचान है।

🔹 वाणी का संयम:

बोलने से पहले शब्द हमारे अधीन होते हैं, लेकिन बोलने के बाद हम अपने ही शब्दों के अधीन हो जाते हैं। इसलिए कुछ भी कहने से पहले उसके परिणामों पर विचार करना आवश्यक है। शब्द किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं और किसी के हृदय को गहरी ठेस भी पहुँचा सकते हैं। इसलिए वाणी में मिठास, विचारों में शुद्धता और व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें।

🔹 सत्कर्मों का मूल्य:

मनुष्य का शरीर सोने के समान है, लेकिन उसके कर्म हीरे की तरह हैं। जिस प्रकार सोने में हीरा जड़ने से आभूषण का मूल्य बढ़ जाता है, उसी प्रकार अच्छे कर्म मनुष्य के जीवन को मूल्यवान बनाते हैं। पद और प्रतिष्ठा समय के साथ बदल सकते हैं, लेकिन सेवा, ईमानदारी और परोपकार से अर्जित सम्मान सदा बना रहता है। उक्त विचार लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 322ई जोन 41 के जोन चेयरपर्सन सह डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन एवं भारत विकास परिषद् रक्सौल के सेवा संयोजक सह मीडिया प्रभारी सह सामाजिक कार्यकर्ता बिमल सर्राफ ने प्रेस से साझा किया।

🔹 धैर्य और आत्मविश्वास:

जीवन में अच्छे कार्य करने वालों को अक्सर चुनौतियों, विरोध और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में निराश होने के बजाय अपने उद्देश्य पर अडिग रहें। अच्छी चीजें प्रतीक्षा करने वालों को, बेहतर चीजें प्रयत्न करने वालों को और सर्वोत्तम उपलब्धियां अपने प्रयासों पर विश्वास रखने वालों को मिलती हैं।

🔹 सच्ची समझदारी:

दूसरों को सुनना, समझना और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखना जीवन की सबसे बड़ी कला है। हर बात का उत्तर देना जरूरी नहीं होता; क्षमा करना, अनावश्यक विवादों को भूलना और शांत रहना ही आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।

🔹 वर्तमान का महत्व:

अत्यधिक चिंता भविष्य को नहीं संवारती, बल्कि वर्तमान की शांति छीन लेती है। बीता हुआ कल लौटकर नहीं आ सकता और आने वाले कल पर हमारा पूरा नियंत्रण नहीं है। मन को शांत रखकर परिस्थितियों का सामना करें।

🔹 मानवता और सेवा:

धन जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करता है, लेकिन पुण्य, सद्भाव और सेवा जीवन को सच्चा अर्थ प्रदान करते हैं। जरूरतमंदों की सहायता, दुखियों के प्रति संवेदना और मानवीय मूल्यों का पालन ही सच्ची मानवता है।

> सार:

> जीवन की सार्थकता इसमें नहीं है कि हमने कितना धन कमाया या कितनी प्रशंसा पाई; बल्कि इसमें है कि हमारे शब्दों से कितने हृदयों को संबल मिला, हमारे व्यवहार से कितने रिश्ते बचे और हमारे सत्कर्मों से कितने जीवन बेहतर हुए।

> — शब्द सोच-समझकर बोलें, कर्म निष्ठा से करें और संबंधों को सदा सम्मान दें।

COMMENTS

यो समाचार पढेर तपाईंलाई कस्तो अनुभूति भयो ?

× तपाईंले यो समाचार पढ्न छुटाउनुभयो?
सबै पोस्टहरू लोड गरियो कुनै पनि पोस्ट भेटिएन सबै हेर्नुहोस् थप पढ्नुहोस् जवाफ दिनुहोस् जवाफ रद्द गर्नुहोस् मेटाउनुहोस् द्वारा गृहपृष्ठ पृष्ठहरू पोष्टहरू सबै हेर्नुहोस् तपाईंको लागि सिफारिस गरिएको category अभिलेख खोज्नुहोस् सबै पोस्टहरू तपाईंको अनुरोधसँग मिल्दो कुनै पनि पोस्ट फेला परेन। घर फर्कनुहोस् Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers पछ्याउनुहोस् यो प्रिमियम सामग्री लक गरिएको छ। STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content